हिंदी दिवस मनाने के 3 मज़ेदार तरीके

Posted by Anuj Kumar Jha on Sep 13, 2021 12:35:39 PM
Anuj Kumar Jha

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Hindi Diwas

हिंदी, हिंदुस्तानी भाषा का एक मानकीकृत रूप है जिसमें संस्कृत के तत्सम तथा तद्भव शब्दों का प्रयोग अधिक है और अरबी-फ़ारसी शब्द कम हैं। यह विश्व की चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है, भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है और संवैधानिक रूप से भारत की राजभाषा भी है। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को अंग्रेजी के साथ राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया। तदोपरान्त जवाहरलाल नेहरू सरकार ने इस ऐतिहासिक दिन के महत्व को देखते हुए हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया।

हिंदी दिवस के दौरान देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं। इस दिन छात्र-छात्राओं को हिंदी के प्रति सम्मान और दैनिक व्यवहार में हिंदी को उपयोग करने आदि की शिक्षा दी जाती है। हिंदी दिवस के दिन स्कूलों में हिंदी निबंध लेखन प्रतियोगिता, हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता, इत्यादि का आयोजन होता है। इस वर्ष स्कूल बंद होने के कारण आप घर पर ही बच्चों को हिंदी के महत्व के प्रति संवेदनशील बना सकते हैं। इस लेख में हम आपको यह करने के 3 आसान तरीके बताएंगे।

हिंदी दिवस का पोस्टर बनायें

Hindi Diwas Blogहिंदी दिवस के महत्व को बच्चों के मन में बैठाने के लिए आप उन्हें एक चार्ट पेपर पर हिंदी दिवस पर आधारित पोस्टर बनाने के लिये प्रेरित कर सकते हैं। आप एक फुल साइज़ चार्ट पेपर (A5, 70 x 56 cm) और स्केच पेन बच्चों को उपलब्ध कराएं। अब उन्हें इंटरनेट पर हिंदी दिवस के इतिहास और महत्व पर शोध करने के लिए कहे और इससे वो जो भी सीखे उसे सरल शब्दों में चार्ट पेपर पर लिखने को बोलें। साथ में चार्ट पेपर पर कुछ रंग बिरंगे चित्र भी बनाने को बोलें जो उनकी लेखनी से मेल खाते हों। इस पोस्टर में आप बच्चों को हिंदी दिवस के अलग-अलग आयाम सम्मिलित करने को बोल सकते हैं जैसे कि:
1. हिंदी दिवस का इतिहास,
2. हिंदी भारत के कौन-कौन से राज्यों में ज्यादा बोली और समझी जाती है
3. हिंदी साहित्य के जाने माने लेखक एवं कवियों के नाम
उदाहरण के लिए आप नीचे दिया गया चित्र देख सकते हैं।

आप बाकी अभिभावकों को भी यह करने को प्रेरित कर सकते हैं और अगर कई अभिभावक आपके साथ जुड़ते हैं, तो आप एक छोटी सी प्रतियोगिता का आयोजन भी कर सकते हैं। इस छोटे से कार्य को प्रतियोगिता में परिवर्तित करने से बच्चे और भी प्रेरित होंगे।

हिंदी मुहावरों से वाक्य बनाने को बोले

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बच्चे स्कूलों में हिंदी परीक्षा में नंबर लाने के लिए मुहावरे रटते ज़रूर हैं लेकिन ज़्यादातर बच्चे अपने दैनिक जीवन में मुहावरों का प्रयोग नहीं करते। बच्चों को मुहावरों के साथ सहज बनाने के लिए हिंदी दिवस एक बेहतरीन अवसर है। आप अपने बच्चों के सहपाठियों का एक समूह बना सकते हैं और वीडियो कॉल के माध्यम से उन सबको एक साथ “मुहावरा प्रतियोगिता” में सम्मिलित कर सकते हैं। इस प्रतियोगिता में आप संचालक की भूमिका निभा कर सकते हैं। हर बच्चे को आप एक मुहावरा दें और उसे उस मुहावरे का प्रयोग करके एक संपूर्ण वाक्य बनाने को कहे।इसके लिए आप हर बच्चे को 5 मिनट तक का समय दे सकते हैं । इस प्रतियोगिता में आप कई पणाव भी रख सकते हैं। सही जवाब पर 10 अंक और अच्छी कोशिश करने पर 5 अंक का नियम भी बना सकते हैं। विजेता बच्चे को कोई छोटा सा पुरस्कार दें और भाग लेने वाले सारे बच्चों को भी कुछ न कुछ इनाम दें। इस खेल से बच्चे आगे चल कर अपने दैनिक जीवन में मुहावरों का प्रयोग ज़्यादा करने के लिए उत्सुक बन सकते हैं।

हिंदी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन करें
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मुहावरे वाले खेल की तरह ही आप अपने बच्चों के सहपाठियों का एक समूह बनाएं और पहले से ही उन्हें भाषण के लिए 2-3 विषय दे दें। बच्चों को इन विषयों में से किसी भी एक विषय को चुनकर उस पर भाषण तैयार करने को बोलें। हिंदी दिवस के दिन पूर्व निर्धारित समय पर वीडियो कॉल पर सारे बच्चों को एक साथ जोड़ें और एक-एक कर बच्चों को उनका तैयार किया गया भाषण देने बोलें। इन बच्चों के अभिभावकों में से ही कुछ लोग इसके निर्णायक बन सकते हैं। भाषणों को नंबर देने के लिए आप कुछ सरल मापदंड रख सकते हैं जैसे, स्पष्ट उच्चारण के 10 अंक, भाषण की लिखाई के 5 अंक इत्यादि। एक-एक कर बच्चों से उनके भाषण बुलवाएँ और उस पर निर्णय करें। सारे बच्चों के भाषण समाप्त होने पर सारे बच्चों के लिए ताली बजाएं और उनकी सराहना में कुछ शब्द भी बोलें। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए हर बच्चे को कुछ इनाम भी दें। जिस बच्चे को सर्वाधिक अंक आये उसे विजेता घोषित करें और उसे पुरस्कृत भी करें।

यह ज़रूरी नहीं की आप बच्चों का समूह समय रहते बना ही पाएं। ऐसा होने पर आप घर पर ही अपने बच्चों के साथ अपने परिवार के सदस्यों को भी सम्मिलित कर सकते हैं और मुहावरा और निबंध प्रतियोगिता जैसे आयोजनो का पूरे परिवार के साथ आनंद ले सकते हैं। हम आशा करते हैं की इन सरल तरीकों से आप अपने बच्चों को हिंदी भाषा के बारे में उत्सुक बना सकते हैं जिससे वे आगे चल कर हिंदी को बेहतर सराह पाएंगे। यही हिंदी दिवस की सच्ची भावना और उद्देश्य है।

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About the Author
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Anuj Kumar Jha, a Faculty of Management Studies (Delhi) alumnus, is the Program Manager at LEAD. Previously, he has worked with Ex-Ola and Ex-Mu Sigma. Anuj has graduated from HBTI, Kanpur. Knowing the power of education, he believes in LEAD's mission to transform learning in Affordable Private Schools in India.

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