किशोरावस्था की चुनौतियों का सामना करने में कैसे मदद कर सकते हैं?

Posted by Akshay Salaria on Mar 26, 2021 7:23:49 PM
Akshay Salaria

Tags: Parents

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किसी किशोर को समझाना कठिन है... लेकिन, किशोरी होना भी कठिन है, इसलिए, क्योंकि हमारे बच्चों को किसी ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता होती है जिस पर वे भरोसा कर सकें, उनसे सलाह ले सकें और अपने जीवन के अच्छे, बुरे और डरावने अनुभवों को उनके साथ साझा कर सकें। उन्हें सुधारने पर ध्यान देने के बजाए हमें अपने बच्चों के जीवन में कदम से कदम मिलाकर चलना चाहिए।

किशोरवस्था में होना कठिन होता  है। यह एक ऐसा समय होता है जब वे अपने माता-पिता और शिक्षकों से अधिकतम सहयोग चाहते हैं। वे हमेशा यह नहीं बता पाते हैं, कि वे कैसा महसूस करते हैं और वे चीजों को अपने अंदर ही रखते हैं, जो उनके सीखने की क्षमता को प्रभावित करता है। माता-पिता और शिक्षकों को इस चुनौतीपूर्ण समय में उनका मार्गदर्शन करना चाहिए।

शुरूआती दिनों में ही उनसे बात करना महत्वपूर्ण है, चाहे आपका बच्चा अपने मन की बात बताता हो या नहीं, उनका हर समय ध्यान रखना चाहिए। आप के शुरुआती हस्तक्षेप से उन्हें अपनी कठिनाइयों को दूर करने और स्कूल में बच्चों के संघर्ष के दौरान सामने आने वाले मनोवैज्ञानिक मुद्दों से निपटने में मदद मिलेगी।

आइए हम किशोरावस्था के दिमाग को समझने और चुनौतियों का सामना करने में उनकी मदद करने वाले व्यवहार पर ध्यान दें।

  • उनकीमदद करने से पहले खुद को अच्छे से तैयार करेंः

यदि आपका बच्चा अकादमिक रूप से परेशानी का सामना कर रहा है, तो उनकी मदद करने के लिए आप फिर से एक छात्र बन जायें विश्वसनीय और भरोसेमंद संसाधनों के माध्यम से सीखने के लिए प्रतिबद्ध बनें।

संबंधित विषय में विशेषज्ञों के साथ व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन प्रशिक्षण में भाग लें और विभिन्न प्रामाणिक दृष्टिकोण से पढ़ाई करेंआवश्यक संसाधनों और निर्देश के बिना कठिन विषयों को पढ़ाना आपके बच्चों की समझ के लिए नुकसानदायक हो सकता है। शिक्षक समान भावनात्मक और शैक्षणिक प्रशिक्षण के साथ इसे खत्म कर सकते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को यह पता होना चाहिए कि छात्रों के अपरिहार्य सवालों के जवाब कैसे देना है।

  • एकसहायक संस्कृति बनाएँः

खुलेपन और समर्थन की संस्कृति बनाने में समय व्यतित करें, जहां बच्चे अपनी चिंताओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें सीखने और जीवन तत्वों के बीच संबंध विकसित करने और तलाशने में मदद करें। ऐसे में जब, प्रत्येक घटना अद्वितीय होती है, एक इंसान के रूप में हम जो अनुभवों और भावनाओं को साझा करते हैं, वे हमें सार्थक तरीकों से समय, भूगोल या संस्कृति की परवाह किए बिना दूसरों के अनुभवों से जुड़ने में मदद कर सकते हैं।

  • उनकीचिंताओं को सुनें और समझेंः

आपको अपने बच्चों के साथ सहानुभूति रखना सीखना चाहिए। उनकी कमियों या गलतियों पर चिडचिड़ाने के बजाय, आपको उनका मददगार बनना चाहिए। उन्हें सिखाएं कि कोई भी अपने आप में पूर्ण नहीं होता है और पूर्णता प्राप्त करने के बजाय, उन्हें प्रत्येक दिन एक बेहतर व्यक्ति बनने का प्रयास करना चाहिए।

  • वास्तविकजीवन के अनुभवों पर प्रकाश डालेंः

शिक्षकों और माता-पिता को छात्रों को प्रेरित करने के लिए वास्तविक जीवन के उदाहरणों का उपयोग करना चाहिए। उन लोगों के अनुभवों के बारे में बतायें, जिन्होंने अपने प्रयासों से एक खास मुकाम हासिल किया है, ताकि किशारों के प्रदर्शन को बेहतर किया जा सके। जब छात्रों के सामने कोई लक्ष्य होता है, तो वे अधिक मेहनत करते हैं।

तनाव का सामना करने में LEAD कैसे मदद करता है?

LEAD ने पहले की तुलना में स्टेकहोल्डर्स के लिए छात्रों से अधिक बार संपर्क करना आसान बना दिया है। LEAD संचालित स्कूल हर समय बच्चे के भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देते हैं। LEAD सप्ताह में एक बार सामाजिक और भावनात्मक शिक्षण सत्र (SEL) का आयोजन करता है, जिसमें बच्चों को उनकी भावनाओं को प्रबंधित करने और लक्ष्यों को निर्धारित करने तथा उसे प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। ये उद्देश्य सकारात्मक रिश्तों को विकसित करने के साथ युवा मन के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देते हैं।

हाइब्रिड और मिश्रित शिक्षण उन छात्रों को प्रोत्साहित करता है जो कक्षा में भागीदार बनाने वाले कार्य यानि प्रश्न पूछने में सहजता महसूस नहीं करते हैं। विषयों को पूरी तरह से समझने के लिए, छात्र आवश्यकता पड़ने पर वीडियो लेक्चर को आसानी से दोबारा देख सकते हैं। LEAD आपके बच्चे की शैक्षणिक उत्कृष्टता के एकमात्र लक्ष्य के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यालय के बीच समन्वय को भी सुनिश्चित करता है।

अपने बच्चे के शैक्षणिक जीवन में माता-पिता की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। LEAD के प्रयासों जैसे कि प्रदर्शन रिपोर्ट, आगे की पढ़ाई और घर पर पढ़ाई के लिए वीडियो, यूनिट प्रगति, क्लासवर्क से तस्वीर आदि के माध्यम से माता-पिता को भी पढ़ाई में शामिल किया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप उनके बच्चों के विकास में तेजी आती है।

अपने बच्चे को बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं और भविष्य के लिए उन्हें तैयार करना चाहते हैं? तो यह सुनिश्चित करें कि वे आज से ही LEAD संचालित स्कूल में पढ़ाई करेंः  https://bit.ly/3qyCF95

About the Author
Akshay Salaria
Akshay Salaria

Akshay is a Senior Marketing Manager at LEAD School. He is a digital marketing professional with experience in marketing and sales. His journey in teaching/education started as a volunteer at Teach India where he realised the importance of good quality teaching and also realised that not everyone in this country has had the privilege that he had at schooling.

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